जानिए कौन थे विक्रम साराभाई | Vikram Sarabhai Biography

Vikram Sarabhai Death Cause

दोस्तों आज के ग्लैमर भरे दौर में हम सब फ़िल्मी स्टार,क्रिकेटर वग़ैरह की ज़िंदगी का एक पहलू जानते हैं. लेकिन बहुत ही कम लोग हैं जो देश के असल नायकों की ज़िंदगी से रूबरू हों. ऐसा ही एक नाम है विक्रम साराभाई. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों का जनक माना जाता है. हाल ही में इनके नाम पर चंद्रयान 2 मिशन के रोवर का नाम विक्रम लैंडर रखा गया था. आज HAPPY TO ADVISE के इस लेख में हम देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के जीवन की तमाम जानकारियां आपको देने जा रहे हैं. इस लेख को अंत तक पढ़ना बिलकुल न भूलें.

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इस लेख में शामिल

  1. विक्रम साराभाई का संक्षिप्त जीवन परिचय
  2. विक्रम साराभाई का संपूर्ण परिवार
  3. विक्रम साराभाई का जीवन 
  4. विक्रम साराभाई की प्रारम्भिक शिक्षा
  5. विक्रम साराभाई द्वारा किए गए विशिष्ट कार्य
  6. विक्रम साराभाई की प्रमुख उपलब्धियां
  7. विक्रम साराभाई का अंतिम समय
  8. संबंधित सवाल (FAQs)

विक्रम साराभाई का संक्षिप्त जीवन परिचय | Vikram Sarabhai Biography

 

पूरा नाम विक्रम अंबालाल साराभाई
अन्य नाम भारतीय अंतिरक्ष प्रोग्राम के पिता, भारतीय विज्ञान के पुनर्जागरण पुरुष
पेशा ब्रम्हांडीय किरण वैज्ञानिक, एष्ट्रोफिजिसिस्ट उद्योगपति
जन्म 12 अगस्त 1919
जन्म स्थान अहमदाबाद, भारत
मृत्यु 30 दिसंबर, 1971
मृत्यु स्थान तिरुअनन्तपुरम, केरल, भारत
उम्र 52 साल
मृत्यु का कारण दिल का दौरा
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर अहमदाबाद
धर्म जैन
जाति जैन

विक्रम साराभाई का संपूर्ण परिवार | Vikram Sarabhai Family

 

पिता का नाम अंबालाल साराभाई
माता का नाम सरलादेवी साराभाई
भाई के नाम सुहृद साराभाई एवं गौतम साराभाई
बहनों के नाम मृदुला, भारती, लीना, गीता, गिरा साराभाई
पत्नी का नाम मृणालिनी विक्रम साराभाई
बेटे का नाम कार्तिकेय साराभाई
बेटी का नाम मल्लिका साराभाई

विक्रम साराभाई का जीवन | Vikram Sarabhai Life 

डॉक्टर विक्रम साराभाई अहमदाबाद के बड़े उद्योगपति घराने के बेटे थे. उनके पिता अंबालाल साराभाई कई बड़े उद्योगों के सर्वे सर्वा थे. उन्होंने भर देश को आज़ादी दिलाने में भी अपना हम योगदान निभाया था इसके साथ ही वह एक वैज्ञानिक भौतिक विज्ञानी और खगोल शास्त्री की भूमिका में भी समाज को अपना योगदान दे रहे थे. वहीं विक्रम साराभाई की माता सरला देवी भी एक निजी स्कूल चलाया करती थी. ऐसे में वे भी देश के बच्चों को विकसित कर समाज को अपना योगदान दे रही थी. डॉक्टर विक्रम साराभाई के इकलौते नहीं बल्कि उनके सात अन्य भाई बहन भी थे. लेकिन अपने सभी भाई बहनों में वे ही अकेले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने देश के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था. नतीजतन आज ने इसरो के जनक के रूप में जाना जाता है.

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विक्रम साराभाई की प्रारम्भिक शिक्षा | Vikram Sarabhai Primary Education

विक्रम साराभाई बचपन से ही एक मेधावी छात्र थे. वही अगर विषय की बात की जाए तो उन्हें विज्ञान विषय में विशेष रुचि थी. उन्होंने अपनी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा भारत नहीं ली थी.और आगे की पढ़ाई के लिए विक्रम साराभाई इंग्लैंड चले गए थे. जहां उन्होने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के सैन जॉन कॉलेज में दाखिला लिया. भारत से जुड़ा होने के चलते वे उनसे 47 में भारत लौट आए. उनके आने से कुछ समय पहले ही देश आज़ाद हुआ था ऐसे में वे क्रांतिकारियों का स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेकर देश की सेवा में जुट गए.

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विक्रम साराभाई द्वारा किए गए विशिष्ट कार्य | Vikram Sarabhai Important Invention

विक्रम साराभाई के निर्देशन में ही देश में नई तकनीकी की दूरबीनों का निर्माण किया गया. इन दूरबीनों की मदद से कॉस्मिक किरणों के निरीक्षण किया जाता था. वहीं इसके बाद उनका ध्यान भारत ने रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन के अभाव पर गई. ऐसे में विक्रम साराभाई ने डॉ. होमी जहांगीर भाभा के साथ मिलकर भारत का पहला रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन तिरुअनतपुरम में किया गया. रूस लगातार बढ़ती अंतरिक्ष उपलब्धियों को देखते हुए विक्रम साराभाई ने सरकार को अंतरिक्ष के महत्व को समझाया. लंबे प्रयासों के बाद सन 1969 को इसरो की घोषणा की गई. यही कारण है कि विक्रम साराभाई को इसरो का जनक कहा जाता है. वहीं देश का पहला सैटलाइट आर्यभट सन 1975 में विक्रम साराभाई की देख रेख में लॉन्च किया गया.

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विक्रम साराभाई की प्रमुख उपलब्धियां | Vikram Sarabhai Achivements

  • विक्रम साराभाई का देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के साथ ही साथ विज्ञान के क्षेत्र में भी अकल्पनीय योगदान दिया था. डॉ. विक्रम साराभाई के कुछ प्रमुख योगदान निम्नलिखित हैं. 
  • विक्रम साराभाई ने देश का सबसे पहला और फिजिक्स लैब बनाया था. जो अहमदाबाद में स्थित है. 
  • फ़ीलिक्स लैब के साथ ही साथ विक्रम साराभाई ने अहमदाबाद में अहमदाबाद टेक्सटाइल इंडस्ट्री रिसर्च एसोसिएशन की स्थापना की थी. 
  • साराभाई ने देश में पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की शुरुआत भी की थी जिसने देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के क्षेत्र में नई क्रांति लाई थी.
  • उन्होंने तिरुअनंतपुरम में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र की नींव रखी थी. कई सालों बाद साराभाई द्वारा बनवाए गए कुल छह स्थानों को मिलाकर एक बड़ा रिसर्च लैब बनाया गया.
  • साराभाई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड का निर्माण भी किया गया था वहीं यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड की स्थापना भी साराभाई नहीं की थी.
  • वहीं उन्होंने देश का सबसे पहला मार्केट रिसर्च यूनियन भी बनाया था.

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विक्रम साराभाई का अंतिम समय | Vikram Sarabhai Death Cause

जब बात विक्रम साराभाई के जीवन परिचय की हो तो उनके अंतिम समय के बारे में ज़िक्र करना भी लाज़मी है. विक्रम साराभाई ने अपने जीवनकाल में देश में विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान में अपना अकल्पनीय योगदान दिया. पूरे देश में उन्हें सम्मान भरी नज़रों से देखा जाता था. लेकिन कहा जाता है कि अच्छे लोगों की उम्र काफ़ी कम होती है ठीक ऐसा ही कुछ विक्रम साराभाई के साथ भी हुआ. उन्होंने मात्र 52 साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. साराभाई का निधन 30 दिसम्बर 1971 को हुआ था. उनके निधन का कारण हार्ट अटैक था. उन्होंने केरल के तिरुवनंतपुरम में अंतिम सांस ली थी.

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संबंधित सवाल (FAQs)

प्रश्न. विक्रम साराभाई कौन थे?

उत्तर. विक्रम साराभाई देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में से एक थे. उन्हें देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को जनक भी माना जाता है.

प्रश्न. विक्रम साराभाई का जन्म कब हुए था?

उत्तर. विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त 1919 को अहमदाबाद में हुआ था.

प्रश्न. विक्रम साराभाई के माता पिता का क्या नाम था?

उत्तर. विक्रम साराभाई के पिता का नाम अंबालाल साराभाई व माता का नाम सरला देवी था.

प्रश्न. विक्रम साराभाई को इसरो का जनक क्यों कहते हैं?

उत्तर. क्योंकि विक्रम साराभाई के लंबे प्रयासों के बाद सन 1969 में इसरो की स्थापना की गई थी.

Author: Arora

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